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1. पूर्व सेवारत प्रशिक्षण कार्यक्रम - यह प्रशिक्षण दो स्तर में चलाया जाता है।


1. बी.एस.टी.सी. :- प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक स्तर


यह पाठ्यक्रम द्विवषीर्य है। प्रत्येक सत्र हेतु 50 सीटें उपलब्ध करायी गई हैं। प्रथम सत्र में प्राथमिक स्तर हेतु एवं द्वितीय सत्र में उच्च प्राथमिक स्तर हेतु छात्राध्यापिकाओं को प्रशिक्षण प्रदान किया जायेगा। प्रशिक्षण में सैंद्धांतिक एवं व्यवहारिक ज्ञान प्रदान किया जाता है।



2. बी.एड. :- स्नातक स्तर


पूर्व प्रशिक्षण कार्यक्रम के अन्तर्गत छात्राध्यापिकाओं को प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम को सैंद्धांतिक एवं व्यवहारिक दो भागों में विभक्त किया गया है। सैंद्धांतिक कार्यक्रम का प्रारम्भ छात्राओं के परिचय एवं पूर्व तेयारी कार्यक्रम के द्वारा किया जाता है जिसमें विभिनन संकायों से आने वाली छात्रायें पूर्व प्रशिक्षण कार्यक्रम को बोझिल न समझें तथा प्राप्त किया गया ज्ञान व्यवहारिक रूप से उपयोगी हो सके।


2. सेवारत प्रशिक्षण कार्यक्रम


नई शिक्षा नीति 1986 के अन्र्तगत अनुभूत राष्ट्रीय शैक्षिक समस्याओं एवं नवाचारों से शिक्षकों को परिचित कराने तथा शैक्षिक उन्नयन की दृष्टि से संस्था से सम्बन्धित भरतपुर, धौलपुर, सवाई माधोपुर, अलवर एवं करौली कुल 5 जिलों के माध्यमिक स्तर की अध्यापिकाओं हेतु प्रशिक्षण कार्यक्रम इस संस्था द्वार आयोजित किया जाता है। सेवारत प्रशिक्षणार्थियों को 5 क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जाता है। यथा-शैक्षिक आधार प्रभाग, अभिनव प्रशिक्षण कार्यक्रम, प्रसार प्रभाग, क्रियात्क अनुसंधान, प्रौद्योगिकी विषय, शिक्षा प्रभाग एवं कम्प्यूटर। सामाजिक अध्ययन, सामान्य विज्ञान, गणित, हिन्दी, संस्कृत, अंग्रेजी विषयों में माध्यमिक विद्यालयों की अध्यापिकाओं को सेवारत प्रशिक्षण दिया जाता है। इसके साथ शोध कार्य भी किये जाते हैं।